Author Topic: पंजाब सरकार पर छाया वित्तीय संकट ओवर ड्राफ  (Read 3014 times)

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पंजाब सरकार पर छाया वित्तीय संकट , ओवर ड्राफ्ट में पहुंची ,मार्किट बॉरोइंग के 1000 करोड़ जारी करने केंद्र ने डाला अड़ंगा

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पंजाब सरकार पर छाया वित्तीय संकट , ओवर ड्राफ्ट में पहुंची ,मार्किट बॉरोइंग के 1000 करोड़ जारी करने केंद्र ने डाला अड़ंगा
Update Punjab | September 26, 2017 | Punjab |
कर्मचारियों को डी ए देने की हालत में नहीं पंजाब सरकार
 
जी एस टी का पैसा भी नहीं हो रहा जारी , सरकार की मुश्किल बड़ी
570 करोड़ का कर्ज़ा करना है 30 सितम्बर को वापिस
अपडेटपंजाब स्पेशल
पंजाब सरकार का वित्त्य संकट दिन प्रति दिन गहराता जा रहा है इस का कारण एक तो केंदर की और से जी एस टी का पैसा सही समय पर जारी नहीं किए जा रहा दूसरा सरकार के अपने साधनो से भी ज़्यादा पैसा नहीं जुटा प् रही है जी एस के चलती पंजाब सरकार टैक्स नहीं लगा सकती  इस लिए मुस्कल पेश आ रही है पहले अकाली भाजपा सरकार खजाना खाली कर गई और कर्जे का भरी भोझ डाल गयी है अब रहती कसर केंदर सरकार पूरी कर रही है  केंदर अब और भी अडिंगा  अटका रहा है  उसने  पंजाब   सरकार के लिए और मुसीबत खड़ी कर दी है आर बी आई ने जो मार्किट बॉरोइंग के लिमिट रखी हुई है उस के अनुसार भी पैसा देने में आना कानी की जा रही है जिस के चलते की वित्तीय हालत काफी लड़खड़ा गयी है
 पंजाब सरकार पर इस समय वित्ति संकट में फस गयी है इस समय 5000 करोड़ के बिल खोजने में अटक गए है और सरकार ओवर ड्राफ्ट में चल रही है सब से बड़ी मुस्कल यह है के पंजाब सरकार ने 1000 करोड़ का मार्किट से कर्जा लेना है लेकिन उसे भी केंदर सरकार क्लियर नहीं कर रहा है जब के केंदर सरकार ने मार्किट बोरोईंग के लिमिट फिक्स कर रखी है सरकार मार्किट से कर्जा ले सकती है यह लिमिट सभी राज्यों के लिए फिक्स है जिसे केंदर मना नहीं कर सकता है   पंजाब सरकार ने इस के लेया कई बार केंदर को लिख दिए है लेकिन 1000 करोड़ जारी करने में केंदर अड़चने लगा रहा है जिस से सरकार मुश्किल में घिर गयी है उधर सरकार ने 30 सितम्बर को कर्जा का 750 करोड़ वापिस करना है सूत्रों का कहना है के जी एस टी भी सरकार के लेया मुसीबत बन गयी है जी एस टी का पैसा भी नहीं आ रहा है  सरकार के अपने आमदन में भी ज़्यादा वृद्धि नहीं हो रही है जिस से वित्ति संकट और बढ़ गई है सरकार इस समय ओवर ड्राफ्ट में चल रही है आगे करमचारियो कोप वेतन देने का समय भी आ गई है सरकार कोशिश कर रही है के 1000 करोड़ में से 600 करोड़ ही मिल जाए बाकि अगले माह में मिल जाए तो काम चल जाएगा लेकिन उस में केंदर  अडिगा  अटका रहा है जिस के चलते सरकार के लिए मुश्किल पड़ा हो गयी है
सूत्रों का कहना है सरकार इस हालत में कर्मचारियो को महगाई भत्ता नहीं दे सकती सरकार के लिए इस समय कर्मचारियो को वेतन देना व्  धान का सीजन शुरू होने जा रहा है इस के लिए 31000 करोड़ के लिमिट लेनी है ता के सरकार मंडीओ में से धान उठा सके इस की ली सरकार पहल कर रही पिछले सीजन का 600 करोड़ आर बी आई के पेंडिंग है उसे भी देना है ता के आगे लिमिट मिल सके आगे त्योहारो का सीजन आ रहा है इस लिए सरकार के कोशिश है कर्मचारियो को सही समय पर वेतन मिल जाए इस समय वेतन देना ज़्यादा जरुरी है बाकि डी ए तो बाद में दे सकते है सरकार ने डी ए देने का फैसला फ़िलहाल आगे डाल दिया  है

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